भारतीय रेलवे का बड़ा धमाका! कामाख्या डिपो में वंदे भारत स्लीपर के लिए स्वदेशी तकनीक का आविष्कार!

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने कामाख्या कोचिंग डिपो में ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेनों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीकों को अपनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को आगे बढ़ाते हुए कामाख्या डिपो ने ऐसी प्रणालियाँ विकसित की हैं जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।

सुरक्षा के लिए स्मार्ट सिस्टम कामाख्या और हावड़ा के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के लिए अब ‘स्मार्ट एयर स्प्रिंग मॉनिटरिंग सिस्टम’ का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक रीयल-टाइम में कोचों की स्थिति पर नज़र रखती है और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ लेती है। इसके अलावा, संभावित यांत्रिक खराबी का पहले ही पता लगाने के लिए ‘पोर्टेबल वाइब्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ भी पेश किया गया है, जिससे यात्रियों का सफर और भी सुरक्षित हो जाएगा।

स्वदेशी पिट पावर सप्लाई और प्री-कूलिंग एक और क्रांतिकारी कदम के तहत, ‘एक्सटर्नल पिट पावर सप्लाई’ और ‘प्री-कूलिंग सिस्टम’ को पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से डिजाइन किया गया है। यह ओएचई (OHE) शटडाउन के दौरान भी ट्रेन के एसी और लाइट सिस्टम को चालू रखने में मदद करता है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की यह पहल न केवल ट्रेनों की क्षमता बढ़ाएगी बल्कि रखरखाव के समय को भी कम करेगी। यह कदम वैश्विक स्तर पर भारतीय रेलवे की तकनीकी शक्ति को और मजबूत करता है।

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