बड़ी खबर! 13 साल बाद जेल से बाहर आएंगे सारधा प्रमुख सुदीप्तो सेन! चुनाव से पहले गरमाई बंगाल की राजनीति।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक ऐसी खबर आई है जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। सारधा चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी सुदीप्तो सेन को करीब 13 साल बाद जेल से रिहाई मिलने जा रही है। कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने बुधवार को उन्हें उन अंतिम दो मामलों में भी जमानत दे दी, जिनकी वजह से उनकी रिहाई रुकी हुई थी।
सीबीआई और राज्य पुलिस को फटकार न्यायूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने पूछा कि 2014 में चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद ट्रायल अब तक शुरू क्यों नहीं हुआ? क्या किसी को अनिश्चित काल तक जेल में रखा जा सकता है? सुदीप्तो सेन के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल गंभीर रूप से बीमार हैं और लंबे समय से बिना ट्रायल के कैद में हैं।
शर्तों के साथ मिली रिहाई अदालत ने सुदीप्तो सेन को 5,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और नियमित रूप से थाने में हाजिरी लगानी होगी। कोर्ट ने सारधा की संपत्तियों को बेहद कम कीमत पर बेचे जाने पर भी सवाल उठाए। 20 बंगले और 10 फ्लैट्स मात्र 52 लाख रुपये में कैसे बिक गए, इसकी जांच के भी आदेश दिए गए हैं। बंगाल की राजनीति में अब यह चर्चा तेज है कि सुदीप्तो सेन का बाहर आना किस पार्टी के लिए मुसीबत बनेगा।