हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ‘मौत का जाल’! एक छोटी सी चूक और जलसमाधि तय, दुनिया में हड़कंप

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो दुनिया के तेल व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है, एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा है। ईरान द्वारा इस रास्ते को खोलने के दावों के बीच एक ऐसी डरावनी खबर आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों की नींद उड़ा दी है। ईरानी समाचार एजेंसी ‘इसना’ (ISNA) ने एक नक्शा जारी कर दावा किया है कि हॉर्मुज के पानी के नीचे घातक ‘अंडरवॉटर माइन्स’ बिछाई गई हैं।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई भी जहाज अपने निर्धारित रूट से जरा सा भी भटकता है, तो वह इन माइन्स की चपेट में आकर पल भर में खाक हो सकता है। विशेष रूप से तेल और गैस ले जाने वाले टैंकरों के लिए यह स्थिति किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। ईरान सरकार या उसकी सेना ने इन माइन्स की मौजूदगी से इनकार नहीं किया है। इसके विपरीत, ईरान की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि हॉर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज को ईरानी सशस्त्र बलों के साथ तालमेल बिठाकर ही आगे बढ़ना होगा।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वे अपनी मर्जी से रास्ता न चुनें। उन्होंने प्रवेश और निकास के लिए विशिष्ट बिंदु निर्धारित किए हैं और स्पष्ट किया है कि केवल उनके द्वारा बताए गए सुरक्षित गलियारे का उपयोग करने पर ही माइन्स से बचा जा सकता है। जानकारों का मानना है कि यह पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली शांति वार्ता से पहले अमेरिका और इजरायल पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की ईरान की सोची-समझी रणनीति है।

दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अपने सख्त रुख पर कायम हैं। हालांकि ईरान कह रहा है कि रास्ता खुला है, लेकिन भारतीय सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल वहां से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही शुरू नहीं हुई है। युद्ध की आहट भले ही कम हुई हो, लेकिन पानी के नीचे बिछा यह मौत का जाल साबित करता है कि हॉर्मुज का संकट अभी टला नहीं है।

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