हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी! एयरलाइंस का लैंडिंग और पार्किंग चार्ज 25% कम, घटेगा विमान किराया

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से एविएशन सेक्टर पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। ईरान और पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के कारण उड़ानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और लागत काफी बढ़ गई है। एयरलाइंस कंपनियों को इस वित्तीय संकट से उबारने के लिए एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AERA) ने देश के सभी मुख्य हवाई अड्डों पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है।
यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा, लेकिन फिलहाल यह केवल घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) के लिए ही मान्य होगा। युद्ध के कारण एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें भी आसमान छू रही हैं, जिससे मजबूर होकर इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों ने टिकट के दाम बढ़ा दिए थे। एयरलाइंस की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि विमान कंपनियों का खर्च कम हो सके और इसका फायदा आम यात्रियों को मिल सके।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का एक बड़ा हिस्सा लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में जाता है। जब कोई विमान रनवे पर उतरता है या 2 घंटे से अधिक समय तक हवाई अड्डे पर पार्क रहता है, तो उसे भारी शुल्क चुकाना पड़ता है। इस 25% की छूट से कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे हवाई टिकटों के दाम कम होने की संभावना प्रबल हो गई है। AERA अगले तीन महीनों तक बाजार की स्थिति की समीक्षा करेगा और उसके बाद ही अगले शुल्क पर निर्णय लिया जाएगा।