बंगाल में मछली-अंडा बैन? अमित शाह ने ममता सरकार के ‘प्रोपेगेंडा’ की उड़ाई धज्जियां!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ से पहले राजनीतिक घमासान अब थाली तक पहुंच गया है। बंगाल के लोगों के बीच ‘मछली और अंडे’ के खान-पान को लेकर फैलाई जा रही आशंकाओं पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यूटाउन में भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए शाह ने दो टूक कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर मछली या अंडा खाने पर कोई रोक नहीं लगेगी। उन्होंने इसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा फैलाया गया एक कोरा ‘झूठ’ करार दिया।

अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “TMC लोगों के बीच यह अफवाह फैला रही है कि बीजेपी सत्ता में आई तो मछली-अंडा खाना बंद हो जाएगा। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि बंगाल में ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का इरादा लोगों की निजी पसंद या खान-पान में हस्तक्षेप करना नहीं है, बल्कि राज्य में रोजगार पैदा करना और कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना है।

ममता शासन पर तीखा हमला: शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले १५ सालों को बंगाल के लिए ‘कालरात्रि’ (अंधेरी रात) बताया। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों के कुशासन के बाद जनता ने बदलाव की उम्मीद में ममता जी को मौका दिया था, लेकिन वह उम्मीदें पूरी तरह धराशायी हो गई हैं। शाह ने घोषणा की कि बीजेपी सरकार बनते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ श्वेत पत्र (White Paper) जारी करेगी।

मंच पर सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार और लॉकेट चटर्जी जैसे दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में शाह ने संकल्प जताया कि बीजेपी का रोडमैप बंगाल को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि खान-पान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर शाह की यह सफाई तृणमूल के उस नैरेटिव को काटने के लिए है जिसमें भाजपा को ‘बाहरी’ और ‘बंगाली संस्कृति विरोधी’ दिखाया जाता रहा है।

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