ईरान-अमेरिका शांति चर्चा में बढ़ा गतिरोध! जेडी वेंस बोले- ‘ईरान ने हमारी रेड लाइन पार करने की कोशिश की’

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च स्तरीय शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पुष्टि की है कि २१ घंटे तक चली गहन चर्चा के बावजूद दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। वेंस ने कहा कि अमेरिका “सद्भावना” के साथ आया था, लेकिन ईरान उनकी शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं था।
अमेरिका की ‘रेड लाइन’ और परमाणु चिंताएं: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान परमाणु हथियार न बनाने का “ठोस वादा” नहीं करता, तब तक कोई समझौता संभव नहीं है। वेंस ने यह भी जोड़ा कि वार्ता की विफलता अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए नुकसानदेह होगी।
ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया पर कहा कि चर्चा की सफलता “प्रतिपक्ष की ईमानदारी” पर निर्भर करती है। ईरान ने वाशिंगटन से “अवैध अनुरोध” और “अत्यधिक मांगों” को बंद करने का आह्वान किया है। ईरान का मुख्य जोर जब्त संपत्ति की वापसी और अपने ‘वैध हितों’ की रक्षा पर है।
पृष्ठभूमि और इजरायल की चेतावनी: यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। २८ फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार और व्यापार को अस्थिर कर दिया है। हालांकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मध्यस्थता में ७ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन मौजूदा वार्ता की विफलता ने मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है।