इस्लामाबाद वार्ता विफल! बिना किसी समझौते के पाकिस्तान छोड़ रहे हैं जेडी वेंस, ईरान को दिया सोचने का वक्त

दशकों की कड़वाहट के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहली सीधी उच्च स्तरीय बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्लामाबाद में २१ घंटे की चर्चा के बाद स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण और परमाणु कार्यक्रम जैसे प्रमुख मुद्दों पर दोनों देश एकमत नहीं हो सके।

विवाद की मुख्य जड़: ईरान का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमধ্য उनका क्षेत्रीय जलमार्ग है और इसका पूर्ण नियंत्रण उनके पास ही रहेगा। इसके विपरीत, अमेरिका वहां अंतरराष्ट्रीय पहुंच और संयुक्त नियंत्रण की मांग कर रहा है। जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें ईरान की ओर से एक ठोस प्रतिबद्धता चाहिए कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। अगर वे हमारे साथ कोई चाल चलने की कोशिश करेंगे, तो अमेरिका उसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

डोनाल्ड ट्रम्प का रुख: वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस वार्ता को लेकर बहुत अधिक उत्साह नहीं दिखाया। उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि उन्हें समझौते की परवाह नहीं है क्योंकि अमेरिका पहले ही युद्ध के मैदान में ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट करके जीत हासिल कर चुका है।

इजरायल और लेबनान का संघर्ष: शांति वार्ता के बावजूद इजरायल ने लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं। इजरायल ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ किसी भी बातचीत का असर हिजबुल्लाह के खिलाफ उनके सैन्य अभियान पर नहीं पड़ेगा। शनिवार को भी इजरायली हमलों में १८ लोग मारे गए। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने लेबनान के साथ स्थायी शांति की इच्छा जताई है, लेकिन हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम से इनकार कर दिया है।

१९७९ की क्रांति के बाद यह पहली बार था जब जेडी वेंस, जैरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ जैसे शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे मेज पर बैठकर चर्चा की। फिलहाल, गेंद ईरान के पाले में है और अमेरिका उनके जवाब का इंतजार कर रहा है।

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