ट्रम्प की चीन को खुली धमकी: ईरान को हथियार दिए तो भुगतना होगा अंजाम! शांति वार्ता के बीच मचा हड़कंप

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे दो सप्ताह के युद्धविराम के बीच एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने ईरान को अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति की, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक शांति वार्ता चल रही है।

इस्लामाबाद वार्ता और ट्रम्प का कड़ा रुख पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बैठकें हो रही हैं। हालांकि पहले दिन की चर्चा से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीदें बरकरार हैं। इसी बीच, मियामी जाते समय ट्रम्प ने बीजिंग को निशाने पर लेते हुए कहा, “अगर चीन ऐसा (हथियार आपूर्ति) करता है, तो वे बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं।” राजनयिकों का मानना है कि ट्रम्प इस शांति प्रक्रिया को लेकर गंभीर तो हैं, लेकिन वे ईरान को मिल रहे बाहरी सैन्य समर्थन को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

क्या चीन भेज रहा है ‘MANPADS’ तकनीक? सीएनएन (CNN) की एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान चीन से उन्नत रक्षा तकनीक हासिल करने वाला है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ‘MANPADS’ (Man-Portable Air-Defense Systems) जैसी मिसाइल रोधी तकनीक किसी तीसरे देश के माध्यम से ईरान तक पहुंचा रहा है। अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि तेहरान ने पहले ही अपनी रक्षा प्रणालियों में सुधार के लिए चीनी उपकरणों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। हालांकि, वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने इन आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया है और अमेरिका पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है।

मई में शी जिनपिंग और ट्रम्प की मुलाकात अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब मई में होने वाली ट्रम्प की चीन यात्रा पर है। वहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। माना जा रहा है कि ईरान को मिल रही सैन्य सहायता का मुद्दा इस बैठक के एजेंडे में शीर्ष पर रहेगा। ट्रम्प ने अपनी शैली में स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ समझौता हो या न हो, उन्हें इसकी परवाह नहीं है, लेकिन वे किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेंगे।

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