राम्या को रेप और जान से मारने की धमकी देने वाले पांच युवकों को मिली जमानत, कोर्ट ने क्यों दिया ये फैसला?
बेंगलुरु: कर्नाटक हाई कोर्ट ने अभिनेत्री और पूर्व सांसद दिव्या स्पंदना, जिन्हें राम्या के नाम से जाना जाता है, को कथित तौर पर ऑनलाइन रेप और जान से मारने की धमकी भेजने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांच युवकों को जमानत दे दी है। ये धमकियां कथित तौर पर तब दी गई थीं जब राम्या ने अभिनेता दर्शन थूगुदीपा से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए एक पोस्ट साझा किया था। दर्शन चित्रदुर्ग रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में आरोपी हैं।
न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरन्नावर ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने टिप्पणी की कि अधिकांश कथित अपराध जमानती थे और चूंकि जांच पहले ही पूरी हो चुकी है, इसलिए हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) अनावश्यक है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आरोपी युवा थे और उनके फोन, जो कि प्रमुख सबूत माने जाते हैं, पहले ही पुलिस द्वारा जब्त कर लिए जा चुके हैं।
पांच दर्शन फैन्स को मिली राहत:
जिन व्यक्तियों को जमानत दी गई है उनमें चिनमय एस शेट्टी (18), ओबन्ना टी (25), गंगाधर केएम (19), राजेश सीवाई (23), और मंजूनाथ (22) शामिल हैं। इसके अलावा, विकास बीए (28) को अग्रिम जमानत दी गई, जिसका सोशल मीडिया अकाउंट जांच के दौरान फ्लैग किया गया था।
राम्या ने कम से कम 43 गुमनाम खातों से आपत्तिजनक टिप्पणियां और हिंसक धमकियां मिलने की शिकायत के बाद बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस में मामला दर्ज कराया था।
हाईकोर्ट के निर्देश:
बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि चूंकि कथित अपराध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुआ था, इसलिए सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना कम है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी युवा छात्र थे और राम्या को कोई खतरा होने की संभावना नहीं थी। वहीं, राज्य के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर थे और रिहा होने पर आरोपी गवाहों या शिकायतकर्ता को धमकी दे सकते हैं।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, हाई कोर्ट ने जमानत याचिकाओं को स्वीकार कर लिया, जिसमें प्रत्येक आरोपी को 1 लाख रुपये का निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी राम्या या किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे या उन्हें धमकी नहीं देंगे, जांच में सहयोग करेंगे और आवश्यकतानुसार ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होंगे।