भारत में 22 बच्चों की मौत, WHO ने किया ‘ज़हरीली’ कफ सिरप पर अलर्ट, मिला 500 गुना ज़्यादा DEG; मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुई एक भीषण त्रासदी के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में ज़हरीले कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने पुष्टि की है कि छिंदवाड़ा में पाँच साल से कम उम्र के कम से कम 22 बच्चों की मौत ‘कोल्डरीफ’ (Coldrif) सिरप पीने से हुई है।

लैब टेस्ट में यह सामने आया कि इस सिरप में डाइथाइलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक ज़हरीला सॉल्वेंट खतरनाक रूप से उच्च स्तर पर मौजूद था, जो गंभीर किडनी फेल्योर और मौत का कारण बन सकता है। इसकी सांद्रता अनुमत सीमा से लगभग 500 गुना अधिक पाई गई।

कंपनी का लाइसेंस रद्द, मालिक गिरफ्तार

तमिलनाडु स्थित कंपनी श्रीसान फार्मास्यूटिकल्स इस कोल्डरीफ सिरप की निर्माता है। बढ़ते आक्रोश के बीच कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और इसके मालिक जी रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के बाद, भारत सरकार ने क्षेत्र की अन्य फार्मास्यूटिकल इकाइयों के निरीक्षण के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।

वैश्विक चिंता और सरकारी एडवाइजरी

WHO ने इन दूषित सिरपों के अंतरराष्ट्रीय वितरण पर स्पष्टीकरण माँगा था। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रभावित उत्पादों में से किसी का भी निर्यात नहीं किया गया था, और अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) ने भी इसकी पुष्टि की है।

इस संकट के जवाब में, भारत सरकार ने राष्ट्रव्यापी एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न लिखने और पाँच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। इसका उद्देश्य बाल चिकित्सा दवाओं के दुरुपयोग से जुड़ी आगे की त्रासदियों को रोकना है।

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