छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले की बड़ी साजिश नाकाम, 51 ग्रेनेड और IED बरामद, सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी
बीजापुर, छत्तीसगढ़: माओवाद विरोधी अभियानों के बीच सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कर्रेगुट्टा (KGH) तलहटी क्षेत्र से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद कर सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक बड़े हमले की योजना को विफल कर दिया।
ताडपाला बेस कैंप से कोबरा 206, सीआरपीएफ 229, 153 और 196 बटालियनों तथा बीजापुर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। इस दौरान 51 जिंदा बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGLs), 100 बंडल एचटी एल्युमीनियम तार, BGL निर्माण के लिए 50 स्टील पाइप, बड़ी मात्रा में बिजली के तार, 20 लोहे की शीट और 40 लोहे की प्लेटें बरामद की गईं। अधिकारियों ने बताया कि यह सारा सामान माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर बड़े हमले की तैयारी के लिए जमा किया था।
तलाशी के दौरान, सुरक्षा बलों को पांच प्रेशर IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) भी मिले, जिन्हें जवानों को निशाना बनाने के लिए लगाया गया था। BDS (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड) टीम की मदद से सभी IEDs को मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया। सोमवार के इस ऑपरेशन को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने कहा, “ऑपरेशन के दौरान, शाम करीब 3 बजे, सुरक्षा बलों ने जंगल के भीतर संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया। सघन तलाशी के बाद विस्फोटक ग्रेनेड लॉन्चर बनाने के लिए विस्फोटक और उपकरण बरामद किए गए।” उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन से माओवादियों के विस्फोटक निर्माण नेटवर्क को गंभीर झटका लगा है और क्षेत्र में शांति का माहौल मजबूत हुआ है।
बता दें, इससे पहले आज महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सीपीआई माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने 60 कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह आत्मसमर्पण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और राज्य सरकारों के निरंतर अभियानों का नतीजा है।