माओवादी विद्रोह को बड़ा झटका,₹6 करोड़ का इनामी ‘भूपति’ सहित 61 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से लाल गलियारे में हड़कंप
गढ़चिरौली, महाराष्ट्र: वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में महाराष्ट्र को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के एक प्रभावशाली सदस्य और शीर्ष रणनीतिकार मल्लूजुला वेणुगोपाल राव, जिसे ‘भूपति’ या ‘सोनू’ के नाम से जाना जाता है, ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में 60 अन्य माओवादी कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
माओवादी संगठन में भूपति का कद काफी ऊंचा था और उनके ऊपर लगभग 6 करोड़ रुपये का संयुक्त इनाम घोषित था। इस सामूहिक आत्मसमर्पण को महाराष्ट्र में माओवादी विद्रोह के इतिहास में ‘सबसे बड़ा आत्मसमर्पण’ बताया जा रहा है।
गढ़चिरौली में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस कदम को शांति और विकास की जीत बताया। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को भारत के संविधान की एक-एक प्रति सौंपी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इन कैडरों के मुख्यधारा में लौटने के लिए पुनर्वास और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, भूपति और उनके साथियों ने 54 हथियार भी सौंपे हैं, जिनमें एके-47 और इंसास राइफलें शामिल हैं। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि भूपति जैसे शीर्ष नेता के इस कदम से महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों में माओवादी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।