PM पुरस्कार से सम्मानित झारखंड की ‘गम्हरिया ब्लॉक पहल’ बनी मिसाल, जानिए कैसे प्रशासन और जनता के सहयोग से बदल गई पिछड़े इलाके की तस्वीर

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सुशासन वेबिनार श्रृंखला के 31वें सत्र में सरायकेला-खरसावां जिले की ‘गम्हरिया ब्लॉक पहल’ ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। ‘आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम’ विषय पर आयोजित इस वेबिनार में वर्ष 2024 के प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित दो प्रमुख पहलों को शामिल किया गया।

झारखंड के उत्पाद शुल्क एवं मद्य निषेध विभाग के आयुक्त रविशंकर शुक्ला ने गम्हरिया ब्लॉक पहल को प्रस्तुत करते हुए विस्तार से बताया कि कैसे प्रशासन और आम जनता के सहयोग से सीमित संसाधनों के बावजूद ब्लॉक के आधारभूत संरचना के विकास में योगदान दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय समुदाय के सहयोग से कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष जोर

इस पहल के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया, जिससे ब्लॉक में सकारात्मक परिवर्तन की स्पष्ट झलक दिखाई देने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, स्कूलों की गुणवत्ता सुधार और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

रविशंकर शुक्ला ने कहा कि यदि गम्हरिया के इस मॉडल को दूसरे आकांक्षी ब्लॉक अपनाते हैं, तो पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है।

PM के निर्देश पर शुरू हुई वेबिनार श्रृंखला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के अनुसरण में, डीएआरपीजी ने लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार विजेता पहलों के प्रसार को प्रोत्साहित करने के लिए अप्रैल, 2022 से यह राष्ट्रीय सुशासन वेबिनार श्रृंखला शुरू की है। इस 31वें सत्र में झारखंड की पहल के साथ ‘केरल के कासरगोड जिले की परप्पा ब्लॉक पहल’ को भी प्रस्तुत किया गया। पूरे भारत से 850 से अधिक स्थानों से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों ने इस वेबिनार में भाग लिया।

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