‘GST बचत उत्सव’ के बीच ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे CM साय, किसान को हार्वेस्टर पर 2 लाख, ट्रैक्टर पर 60 हजार की सीधी बचत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ‘जीएसटी बचत उत्सव’ के दौरान औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित एक ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद किया और जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया तथा खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को स्वयं चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं।
जीएसटी से 2 लाख की बचत, किसान ने खरीदा हार्वेस्टर
मुख्यमंत्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। रवि साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड खरीदने की सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर की खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है।” उन्होंने इस बचत के लिए पीएम मोदी का आभार जताया और कहा कि हार्वेस्टर आने से वह गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाएंगे।
इसी तरह, अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान ज्ञानिक राम साहू को मुख्यमंत्री ने उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है, जिससे उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा।
शोरूम के प्रोप्राइटर अशोक अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी कटौती के कारण बिक्री में इजाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है।
बाइक खरीदी में भी 7 हजार की बचत
इसके बाद मुख्यमंत्री साय देवपुरी स्थित बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और ग्राहकों से चर्चा की। उन्होंने संतोषी नगर निवासी एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी। गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनका जीवनयापन सुगम होगा।