पलाली जलाने पर केंद्र सख्त, दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए पंजाब, हरियाणा समेत 6 राज्यों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश
बदलते मौसम के साथ ही पंजाब, हरियाणा सहित दिल्ली-एनसीआर से सटे राज्यों में पराली जलने की छुटपुट घटनाएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने उन सभी राज्यों को सतर्क किया है, जहां हर साल पराली जलने की घटनाएं बहुतायत में देखने को मिलती हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान शामिल हैं।
केंद्र ने इन राज्यों से पराली जलने की घटनाओं पर निगरानी बढ़ाने और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने यह निर्देश तब दिया है, जब हर साल इन राज्यों में पराली जलाए जाने से दिल्ली-एनसीआर में अचानक से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिसकी हिस्सेदारी कुल प्रदूषण में करीब तीस प्रतिशत तक हो जाती है।
प्रदूषण को लेकर मंत्रालय ने जताई चिंता:
हालांकि, दिल्ली में बाकी का 70 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों से निकलने वाले धुएं और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल आदि से होता है, लेकिन मौसम में बदलाव से पराली का धुंआ दिल्ली-एनसीआर में गहरे धुंध (स्मॉग) के रूप में साफ तौर पर दिखाई देने लगता है। मंत्रालय की चिंता इस बात को लेकर है कि अचानक से पराली का धुंआ आने से दिल्ली-एनसीआर में जो गंभीर स्थिति निर्मित हो जाती है, वह न होने पाए।
पिछले साल इन राज्यों में हुई थीं सर्वाधिक घटनाएं:
मंत्रालय का फोकस इन राज्यों पर इसलिए भी है क्योंकि पिछले साल 15 सितंबर से 30 नवंबर तक पराली जलाने की सर्वाधिक घटनाएं इन्हीं राज्यों में रिपोर्ट हुई थीं:
| राज्य | पिछले साल पराली जलाने की घटनाएं |
| मध्य प्रदेश | 16,360 |
| पंजाब | 10,900 |
| उत्तर प्रदेश | 6,142 |
| राजस्थान | 2,713 |
| हरियाणा | 1,406 |
| दिल्ली | 12 |
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