AFSPA की अवधि 6 महीने बढ़ी, मणिपुर, नागालैंड, और अरुणाचल के किन ‘अशांत’ इलाकों में लागू रहेगा सख्त कानून?

मणिपुर समेत उत्तर पूर्वी भारत के कई राज्यों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) को अतिरिक्त 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। इस सूची में नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश भी शामिल हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नोटिस जारी कर बताया कि उत्तर पूर्वी राज्यों के “अशांत” इलाकों में AFSPA लागू रहेगा। नागालैंड के 9 जिलों समेत 5 जिलों के 21 पुलिस स्टेशनों में यह अधिनियम अगले 6 महीनों तक प्रभावी रहेगा।

अरुणाचल के 4 जिलों में लागू

अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग में भी AFSPA लागू रहेगा। इसके अलावा, असम से सटे नामसाई जिले में भी यह अधिनियम प्रभावी रहेगा। अरुणाचल, मणिपुर और नागालैंड में लगने वाला AFSPA कानून 1 अक्टूबर से 6 महीने यानी 31 मार्च तक लागू रहेगा।

गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, मणिपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी गई है। AFSPA की धारा 3 के तहत 5 जिलों के 13 पुलिस चौकियों को छोड़कर पूरे राज्य में यह कानून लागू रहेगा। यह आदेश 1 अक्टूबर 2025 से 6 महीने या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

मणिपुर के 13 पुलिस स्टेशन को छूट

मणिपुर के जिन 13 पुलिस स्टेशनों को AFSPA कानून से बाहर रखा गया है, वे हैं – इंफाल, लाम्फेल, सिटी, सिंगजामेई, पाटसोई, वांगोई, पोरोम्पैट, हिंगांग, इरिलबुंग, थौबल, बिष्णुपुर, नम्बोल और काकचिंग।

गौरतलब है कि मई 2023 में हिंसा भड़कने के बाद से मणिपुर में 260 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इसी साल 13 फरवरी को मुख्यमंत्री बिरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पहले जानकारी दी थी कि उत्तर पूर्वी राज्यों के 70 प्रतिशत हिस्सों से AFSPA हटा दिया गया है।

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