कौन हैं IFS पेटल गहलोत? जिन्होंने आतंकवाद और झूठ पर पाकिस्तान की बोलती बंद कर दी
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 80वीं बैठक के दौरान एक बार फिर भारत की ओर से पाकिस्तान को करारा जवाब मिला है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारतीय डिप्लोमेट पेटल गहलोत ने भारत की ओर से ‘राइट टू रिप्लाई’ का उपयोग करते हुए आतंकवाद और झूठ के मुद्दों पर पाकिस्तान की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने खोलकर रख दी।
पेटल गहलोत कौन हैं? यूएन में भारत की ओर से नियुक्त डिप्लोमेट पेटल गहलोत भारतीय विदेश सेवा (IFS) की एक तेज़-तर्रार अधिकारी हैं। उन्होंने 2015 में इंडियन फॉरेन सर्विस जॉइन किया।
- वर्तमान पद: वह वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी (First Secretary) के तौर पर पदस्थ हैं।
- शिक्षा: दिल्ली की निवासी पेटल गहलोत ने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वीमेन से राजनीति विज्ञान में एमए किया।
- अनुभव: इससे पहले वह भारतीय विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिवीजन, पेरिस और सैन फ्रांसिस्को के भारतीय मिशन में अंडर सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुकी हैं।
पाकिस्तान के झूठ को किया तार-तार: पेटल गहलोत ने अपने भाषण में पाकिस्तान के पीएम को साफ-साफ कहा कि उन्होंने अपने भाषण में जिस तरह के “बेतुके नाटक” किए हैं, उससे सच छिप नहीं सकता।
उन्होंने पाकिस्तान के ‘युद्ध जीतने’ के दावे का मज़ाक उड़ाते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा कई पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को तबाह किया गया। उस क्षति की तस्वीरें, जाहिर है, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। अगर नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर जीत की तरह दिखते हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है, तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है।”
गहलोत ने स्पष्ट किया कि भारत की कूटनीति और विदेश नीति की साफ झलक यह है कि वैश्विक मंच पर भारतीय राजनयिक अपनी बात मज़बूती के साथ रखने में पूरी तरह सक्षम हैं और पाकिस्तान जैसे देश के झूठ को दुनिया के सामने लाने के लिए वे अकेले ही काफी हैं।