यूक्रेन संकट के बाद पुतिन का पहला भारत दौरा, लावरोव ने की भारत की ‘स्वतंत्र विदेश नीति’ की जमकर तारीफ

दशकों से भारत के भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत यात्रा पर होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि की है। लावरोव ने इस दौरान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की खुलकर सराहना की, जो वैश्विक मंच पर नई दिल्ली की बढ़ती कूटनीतिक पकड़ को दर्शाता है।

पुतिन की यह प्रस्तावित यात्रा दिसंबर में होने की संभावना है और यह भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का अगला चरण होगा। यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद पुतिन की यह पहली भारत यात्रा होगी, जो वैश्विक भू-राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच दोनों देशों के रिश्तों को नई गति देगी।

रणनीतिक एजेंडा

यह दौरा न केवल कूटनीतिक रूप से, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को लेकर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और रूस लंबे समय से रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत साझेदार रहे हैं और इस यात्रा से इन संबंधों में और प्रगाढ़ता आने की उम्मीद है।

लावरोव द्वारा भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना करना यह स्पष्ट करता है कि रूस अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद नई दिल्ली के अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने के रुख का सम्मान करता है।

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