करूर रैली में भयंकर भगदड़, सुपरस्टार विजय की 7 घंटे की देरी, पेड़ की डाल बनी 39 लोगों की मौत की वजह

तमिलनाडु के करूर में शनिवार रात अभिनेता से नेता बने विजय की रैली खुशी के माहौल से एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई। अपने सुपरस्टार को करीब से देखने की होड़ में भीड़ बेकाबू हो गई, और इस भगदड़ में 39 लोगों की जान चली गई। इन मृतकों में 17 महिलाएं, 13 पुरुष, 4 बच्चे और 5 बच्चियां शामिल हैं। इस हादसे में ६० से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जो अस्पतालों में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

लेटलतिफी और पेड़ की डाल बनी काल पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार, भगदड़ मचने के पीछे मुख्य रूप से दो कारण थे—भीषण भीड़ और विजय का करीब सात घंटे देर से आना

  • लंबा इंतजार: तमिलनाडु के डीजीपी जी. वेंकटरामन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रैली की अनुमति ३ बजे से १० बजे तक की थी, लेकिन विजय के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर उनके दोपहर १२ बजे आने की घोषणा कर दी गई। इसके चलते लोग सुबह ११ बजे से ही रैली स्थल पर जुटने लगे, जबकि विजय लगभग ७ बजकर ४० मिनट पर पहुंचे। डीजीपी ने कहा, “लोग घंटों धूप में बिना खाना-पानी के इंतजार करते रहे, जिससे भीड़ बेचैन हो गई।”
  • पेड़ की डाल टूटी: चश्मदीदों के मुताबिक, भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि कुछ लोग विजय की एक झलक पाने के लिए पेड़ की डाल पर चढ़ गए। ज़्यादा लोगों का बोझ न सह पाने के कारण कुछ लोग डाल से टूटकर सीधे विजय के प्रचार वैन के पीछे खड़े लोगों पर जा गिरे। यहीं से अचानक अफरातफरी मच गई और भीड़ में यह डर फैल गया कि कोई बड़ा हादसा हो गया है, जिससे लोग इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ मच गई। कई लोग जमीन पर गिरे और दूसरों के पैरों तले कुचल गए।

आयोजकों पर कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, रैली आयोजकों ने केवल १०,००० लोगों के लिए अनुमति ली थी, लेकिन मौके पर लगभग २७,००० लोग पहुंच गए। बढ़ती भीड़ के कारण हालात काबू में नहीं रह पाए।

पुलिस ने इस मामले में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने TVK के दो वरिष्ठ नेताओं, एन आनंद और सीटी निरमल कुमार पर गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) का केस दर्ज किया है। निरमल कुमार इस रैली के आयोजन के लिए जिम्मेदार थे।

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