ग्राहक ऑनबोर्डिंग में मिली खामियां! HDFC बैंक की दुबई ब्रांच में वित्तीय सेवाओं के प्रचार और व्यवस्था पर लगा प्रतिबंध
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक HDFC बैंक के लिए दुबई से एक बड़ी खबर आई है। दुबई के फाइनेंशियल रेगुलेटर, दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (DFSA), ने HDFC बैंक की दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) ब्रांच पर नए ग्राहक बनाने से रोक लगा दी है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार (27 सितंबर, 2025) को HDFC बैंक ने बताया कि दुबई के रेगुलेटर ने 25 सितंबर, 2025 को एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस के अनुसार, बैंक की दुबई ब्रांच अब किसी भी नए ग्राहक को अपने साथ नहीं जोड़ सकती। यह रोक उन सभी नए ग्राहकों पर लागू होगी, जिनका खाता खोलने या अन्य सेवा शुरू करने का प्रोसेस 25 सितंबर तक पूरा नहीं हुआ था।
रेगुलेटर ने यह कड़ा कदम इसलिए उठाया क्योंकि उन्हें बैंक के नए ग्राहकों को जोड़ने (ऑनबोर्डिंग) के प्रोसेस में कुछ खामियां मिली थीं। DFSA का मानना था कि बैंक द्वारा कुछ ग्राहकों को बिना सही प्रक्रिया अपनाए ही सेवाएं दी जा रही थीं।
इन सेवाओं पर लगी है रोक:
इस रोक के तहत, ब्रांच नए ग्राहकों के लिए ये सेवाएं प्रदान नहीं कर सकती:
- वित्तीय उत्पादों (Financial Products) पर सलाह देना।
- निवेश सौदों की व्यवस्था करना।
- क्रेडिट या लोन पर सलाह देना।
- कस्टडी से जुड़ी सेवाएं देना।
सरल शब्दों में कहें तो, बैंक अब नए ग्राहकों को लुभाने के लिए किसी भी तरह का प्रचार या प्रमोशन भी नहीं कर पाएगा।
पुराने ग्राहकों पर कोई असर नहीं
HDFC बैंक ने साफ किया है कि इस फैसले से पुराने ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जिनके खाते पहले से ही इस ब्रांच में हैं, उन्हें पहले की तरह सभी सेवाएं मिलती रहेंगी। 23 सितंबर, 2025 तक इस ब्रांच के पास लगभग 1,489 ग्राहक थे, जिन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस रोक से बैंक की कुल आर्थिक सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि दुबई ब्रांच का ऑपरेशन बैंक के कुल कारोबार का बहुत छोटा हिस्सा है। बैंक ने बताया कि उन्होंने रेगुलेटर के निर्देशों का पालन करना शुरू कर दिया है और जल्द से जल्द इन कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक DFSA इसे हटाने के लिए कोई नया आदेश जारी नहीं करता।