धूम्रपान और शराब को कहें अलविदा: हार्ट के मरीज स्टेंट के बाद इन 5 बातों को अपनाकर जी सकते हैं लंबी जिंदगी
नई दिल्ली: बदलती लाइफस्टाइल के कारण हार्ट अटैक के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। जब किसी मरीज़ की हार्ट आर्टरी ब्लॉक होती है, तो डॉक्टर खून के प्रवाह को सामान्य करने के लिए स्टेंट डालते हैं। यह पतली जालीदार नली ब्लॉक हुई नस को खोल देती है, जिससे भविष्य में दिल के दौरे का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। हालांकि, स्टेंट लगवाने के बाद केवल दवाइयों पर निर्भर रहना काफी नहीं है। स्टेंट दोबारा ब्लॉक न हो, इसके लिए मरीज़ को अपनी लाइफस्टाइल में कई अहम बदलाव करने होते हैं।
आइये जानते हैं स्टेंट डलने के बाद किन 5 आदतों को अपनाना बेहद जरूरी है:
1. हेल्दी डाइट अपनाएं (Adopt a Healthy Diet): स्टेंट के बाद डाइट सबसे अहम है। रोज़ाना हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और कम फैट वाली चीजें खाएं। वहीं, तली-भुनी चीजें, जंक फूड और ज्यादा मीठी चीज़ों से परहेज़ करें। नमक और चीनी की मात्रा सीमित रखें, क्योंकि ये हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ का खतरा बढ़ाते हैं।
2. नियमित फिजिकल एक्टिविटी करें (Regular Physical Activity): दिल की सेहत के लिए रोज़ाना कम से कम 30 मिनट वॉक करना बहुत जरूरी है। हल्की एक्सरसाइज, योग और प्राणायाम भी फायदेमंद हैं। हालांकि, कोई भी एक्टिविटी शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। याद रखें, मेहनत धीरे-धीरे बढ़ाएं, अचानक ज्यादा ज़ोर न दें।
3. धूम्रपान और शराब को कहें अलविदा (Quit Smoking and Alcohol): अगर आप स्मोकिंग या शराब का सेवन करते हैं, तो स्टेंट लगने के बाद यह आदत तुरंत छोड़ दें। सिगरेट पीने से ब्लड वेसेल्स कमजोर हो जाती हैं और स्टेंट दोबारा ब्लॉक हो सकता है। शराब भी दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
4. तनाव से दूरी बनाएं (Manage Stress): ज्यादा तनाव हार्ट के लिए ज़हर समान है। लगातार टेंशन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रोज़ कुछ समय मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और योग के लिए निकालें। म्यूजिक सुनना या परिवार के साथ समय बिताना भी तनाव दूर करने के अच्छे तरीके हैं।
5. नियमित जांच और फॉलो-अप (Regular Check-ups and Follow-up): स्टेंट लगवाने के बाद नियमित जांच बेहद जरूरी है। समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल की जांच कराएं। डॉक्टर अक्सर हार्ट की कार्यक्षमता जानने के लिए ECG, इको या स्ट्रेस टेस्ट की सलाह देते हैं। समय पर फॉलो-अप और दवाइयों का सेवन भविष्य में बड़ी दिक्कतों से बचा सकता है।
सही लाइफस्टाइल अपनाकर आप दोबारा दिल का दौरा पड़ने के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं और एक लंबा, स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।