नोएडा में फर्जी किडनैपिंग का खुलासा-भाई को भेजी हाथ-पैर बंधी फोटो, ₹20 लाख ऐंठने के लिए हिमाचल में छिपा था आरोपी
नोएडा में एक युवक को ऑनलाइन गेमिंग में हुए भारी नुकसान को चुकाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रचने और परिजनों से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।
नोएडा की फेस-2 थाना पुलिस के मुताबिक, उन्हें 24 सितंबर को सूचना मिली थी कि 17 सितंबर से लापता आशाराम का अपहरण कर लिया गया है और फिरौती में 20 लाख रुपये मांगे गए हैं। इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली और आरोपी आशाराम को हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले के बद्दी गांव से सुरक्षित तलाश कर गिरफ्तार कर लिया।
कर्ज चुकाने के लिए बनाया ब्लैकमेलिंग का प्लान:
पूछताछ में पकड़े गए आरोपी आशाराम ने खुलासा किया कि वह ऑनलाइन गेम खेलता था और दोस्तों से उधार लिए गए 4 लाख 70 हजार रुपये गेम में हार गया था। इस कर्ज को चुकाने और परिजनों से पैसे ऐंठने के लिए उसने यह योजना बनाई।
17 सितंबर को वह अपने जीजा के पास से घर जाने की बात कहकर निकला, लेकिन दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर उसने अपने अपहरण का नाटक रचने की साजिश बनाई। वह दिल्ली से हिमाचल प्रदेश चला गया और वहां किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। इसके बाद, आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए अपने छोटे भाई से संपर्क किया और खुद के मुंह व हाथ-पैर बंधे हुए फर्जी फोटो भेजे। वह लगातार घरवालों को धमकाकर 20 लाख रुपये की मांग करने लगा। डर के मारे छोटे भाई ने यूपीआई के माध्यम से 5,000 रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे।
आरोपी ने सोचा था कि गांव में पड़ी उनकी 6 बीघा जमीन को परिजन बेचकर फिरौती की रकम का इंतजाम कर देंगे। पुलिस ने आरोपी के पास से 5 एटीएम कार्ड और 1 आधार कार्ड बरामद किया है।