34 सेकंड के भाषण पर 40 मौतें! विजय की रैली में कुव्यवस्था पर उठे सवाल, स्टालिन ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
अभिनेता विजय की रैली में भीषण भगदड़ से 40 की मौत, भीड़ नियंत्रण में चूक पर विपक्ष का हमला
नई दिल्ली: तमिलनाडु के करूर जिले में अभिनेता से राजनेता बने विजय की रैली एक बड़ी त्रासदी में बदल गई। इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 55 वर्षीय जया भी शामिल थीं। जया अपने बेटे मुरुगन के साथ केवल अपने बेटे के पसंदीदा हीरो विजय को देखने के लिए रैली में पहुंची थीं। भगदड़ में जया की जान चली गई और उनका 34 साल का बेटा मुरुगन गंभीर हालत में आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि मुरुगन के सीने में गहरी चोटें हैं और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि जब विजय समर्थकों को संबोधित कर रहे थे और उनकी प्यास बुझाने के लिए बोतलें फेंक रहे थे, तभी अचानक भगदड़ मच गई।
10 हजार की उम्मीद, पहुंचे 27 हजार:
पुलिस महानिदेशक जी वेंकटरमन ने बताया कि कार्यक्रम में 10 हजार लोगों के आने की उम्मीद थी, लेकिन करीब 27 हजार लोग पहुंच गए। भीड़ इतनी अधिक थी कि काबू पाना मुश्किल हो गया। वेंकटरमन ने यह भी कहा कि लोगों के पास पर्याप्त खाना और पानी नहीं था। घंटों इंतजार के बाद विजय शाम 7.40 बजे पहुंचे। इस बीच कई लोग बेहोश भी हो गए थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर केवल टूटी चप्पलें, खाली बोतलें और बिखरा हुआ कचरा ही बचा, जो इस त्रासदी की गवाही दे रहा था।
विपक्ष का आरोप: मानवजनित आपदा:
जया के भाई ने बताया कि उन्हें बाद में खबर देखकर ही पता चला कि उनकी बहन रैली में गई थीं, और उनका बेटा केवल विजय से मिलने के लिए उन्हें ले गया था। एक चश्मदीद ने आरोप लगाया कि विजय ने मुश्किल से 3 मिनट बोला और रैली में सुरक्षा या सुविधाओं का कोई इंतजाम नहीं था।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आधी रात को अस्पताल पहुंचकर दुख जताया और सेवानिवृत्त जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित करने की घोषणा की। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया।
वहीं, विपक्ष के नेता और अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने इसे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन में चूक का नतीजा बताते हुए सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने इसे ‘मानवजनित आपदा’ करार दिया।