सोनम वांगचुक की पत्नी ने लद्दाख हिंसा के लिए CRPF को ठहराया जिम्मेदार, ‘पाक कनेक्शन’ के आरोपों को किया खारिज

सोनम वांगचुक की पत्नी ने ‘पाकिस्तान से जुड़े’ सभी आरोपों को नकारा, CRPF की कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली: लद्दाख के गिरफ्तार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर ‘पाकिस्तान से जुड़े’ होने और अन्य आरोपों के विवाद के बीच, उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने इन सभी आरोपों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने साफ किया है कि वांगचुक की सभी विदेश यात्राएँ पूरी तरह पेशेवर और जलवायु परिवर्तन से संबंधित थीं।

अंगमो ने कहा, “ग्लेशियर और हिमालय की चोटी किसी सीमा को नहीं देखती।” उन्होंने समझाया कि ‘ब्रीद पाकिस्तान’ जैसे सम्मेलनों में उनके पति की भागीदारी अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय सहयोग का हिस्सा थी, और उनकी यात्राएँ जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर संरक्षण के मुद्दों पर केंद्रित थीं।

लद्दाख हिंसा के लिए किसे ठहराया जिम्मेदार?

गीतांजलि अंगमो ने स्पष्ट किया कि वांगचुक ने किसी भी तरह की हिंसा भड़काने की योजना नहीं बनाई थी। लेह में छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ी, जब सीआरपीएफ (CRPF) ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

अंगमो ने सीधे सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि “सीआरपीएफ को अपने ही लोगों पर गोली चलाने का अधिकार किसने दिया?” यह स्पष्ट करता है कि वह हिंसा की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा बलों की अप्रत्याशित प्रतिक्रिया से जोड़ती हैं।

एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने के आरोप:

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वांगचुक के एनजीओ का एफसीआरए (FCRA) लाइसेंस रद्द किए जाने के आरोपों पर अंगमो ने खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान सामाजिक और पर्यावरणीय नवाचार के साथ-साथ कानूनी अनुपालन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अंगमो ने कहा कि उनके पति की भूमिका पूरी तरह शांतिपूर्ण और गांधीवादी थी, और मीडिया में उनके विरोध की छवि कई बार गलत पेश की गई। 24 सितंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान चार लोगों की मौत और लगभग 90 घायल हुए थे।

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