मुजफ्फरनगर में दहशत का अंत! 36 मुकदमों का खूंखार अपराधी नईम कुरैशी ढेर; 20 राउंड फायरिंग में कांस्टेबल भी घायल
उत्तर प्रदेश पुलिस को रविवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश नईम कुरैशी को एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मार गिराया। गोली लगने से घायल हुए कुरैशी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कुरैशी पर 6 हत्या, लूट, गैंगस्टर और रंगदारी (जबरन वसूली) सहित कुल 36 मुकदमे दर्ज थे और वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बना हुआ था। इसी वजह से पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार ने बताया कि दोपहर में मीरापुर थाने को सूचना मिली थी कि कुरैशी किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में भूरा चौकी क्षेत्र के जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस बल के साथ इलाके की घेराबंदी कर उसकी तलाश शुरू की गई।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस को देखते ही कुरैशी और उसके साथी ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायरिंग की।
30 मिनट तक 20 राउंड गोलीबारी:
एसएसपी संजय ने बताया कि दोनों तरफ से लगभग 30 मिनट तक करीब 20 राउंड गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में कुरैशी घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से भागने में सफल रहा। मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल कालूराम घायल हो गए और मीरापुर थानाप्रभारी बबलू वर्मा की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी है। पुलिस ने घटनास्थल से 2 पिस्टल और 2 बाइक भी बरामद की है।
नफीस कालिया गैंग का था सदस्य:
एसएसपी संजय ने बताया कि कुरैशी कुख्यात नफीस कालिया गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ दर्ज 36 मुकदमों में 20 लूट और 6 हत्या के मामले शामिल हैं। उस पर साल 2005 में दिल्ली में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद उसने मवाना में 30 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था। वह खालापार का रहने वाला था और मीरापुर में छिपकर रह रहा था।
गौरतलब है कि पुलिस ने शनिवार को भी रामपुर में NEET छात्र दीपक गुप्ता की हत्या में फरार एक लाख के इनामी गो तस्कर जुबेर अहमद उर्फ कालिया को मुठभेड़ में मार गिराया था।