जिस प्लांट ने कोरोना में दी थी ऑक्सीजन, आज वही कर्मचारियों के लिए असुरक्षित! प्रबंधन पर चुप्पी साधने का आरोप
बोकारो स्टील प्लांट के एसएमएस-2 (SMS-2) सेक्शन में हॉट मेटल चार्जिंग के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ काम कर रहे तीन कर्मचारी पर अचानक भारी हॉट मेटल गिर गया, जिससे वे बुरी तरह से झुलस गए। दुर्घटना के तुरंत बाद सभी कर्मचारियों को बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उसी स्थान पर हुआ है, जहाँ प्लांट के कर्मचारी रोज़ाना काम करते हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन पर चुप्पी
हादसे के बाद कर्मचारियों की हालत गंभीर होने के बावजूद प्लांट प्रबंधन ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कर्मियों का गंभीर आरोप है कि यह कोई पहला मामला नहीं है; पिछले कुछ महीनों में यहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जिस बोकारो स्टील प्लांट ने कोरोना महामारी के दौरान देश-विदेश में ऑक्सीजन सप्लाई कर लोगों को जीवनदान दिया था, वही प्लांट अब अपने कर्मचारियों के लिए असुरक्षित जगह बन गया है। काम कर रहे कर्मचारियों के परिवार और सहकर्मी इस घटना से चिंतित हैं।
उच्च स्तरीय जाँच की मांग:
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि प्लांट की सुरक्षा मानकों में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल बड़े दावे और बयान देना पर्याप्त नहीं है; धरातल पर कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
- सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने कहा: “मामला प्लांट के अंदर का है। तीन मजदूर झुलसे हैं, जिनका इलाज बोकारो जनरल हॉस्पिटल में हो रहा है। प्लांट के कानून के अनुसार इसे देखा जाएगा। पुलिस इस पर नजर बनाए हुए हैं।”
- बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने प्लांट मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्टील प्लांट में लगातार ऐसी दुर्घटनाएँ हो रही हैं क्योंकि मैनेजमेंट मशीनों का मेंटेनेंस सही ढंग से नहीं कर रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है।