अपराधियों की खैर नहीं, ब्लॉक किए गए मोबाइल दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेंगे!

अपराधियों की खैर नहीं, ब्लॉक किए गए मोबाइल दोबारा इस्तेमाल नहीं हो सकेंगे!

केंद्रीय गृह मंत्रालय अब आईएमईआई (IMEI) नंबर का उपयोग करके एक विशेष डेटाबेस तैयार कर रहा है। साइबर धोखेबाज और अपराधी ब्लॉक किए गए मोबाइल सेट के सॉफ्टवेयर को बदलकर आईएमईआई नंबर बदल देते हैं और फिर से उनका उपयोग करते हैं। जालसाजों को तकनीकी बदलाव करके भी अपराध में इस्तेमाल किए गए फोन सेट का दोबारा उपयोग करने से रोकने के लिए यह केंद्रीय डेटाबेस बनाया जा रहा है। इससे पुलिस के लिए अपराध को सुलझाना, अपराधी की तेजी से पहचान करना और फोन को स्थायी रूप से निष्क्रिय करना आसान हो जाएगा।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, देश भर में बढ़ते वित्तीय और साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए यह कदम आवश्यक था। इसके माध्यम से, अपराध में उपयोग किए गए या नए उत्पादित सभी मोबाइल का आईएमईआई डेटा पोर्टल पर रखा जाएगा। विभिन्न राज्यों की पुलिस इस डेटाबेस का उपयोग जांच में सहायता के लिए कर सकेगी। मंत्रालय ने पुराने आईएमईआई नंबरों के पुन: उपयोग पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिसकी सूचना मोबाइल कंपनियों को दी गई है। इसके अलावा, सेकंड-हैंड फोन खरीदने से पहले उसके आईएमईआई को सत्यापित करना भी अनिवार्य किया जा रहा है।

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