20 साल पुराने वाहन मालिकों को राहत, अब दोगुना शुल्क देकर कराएं री-रजिस्ट्रेशन, MoRTH ने जारी किया नोटिफिकेशन
केंद्र सरकार ने 20 साल पुराने वाहनों के लिए एक बड़ा राहत भरा नियम जारी किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नोटिफिकेशन जारी कर निर्देश दिया है कि अब वाहन मालिकों को अपने 20 साल से पुराने दोपहिया, कार और मालवाहक वाहनों को जबरन कबाड़ (स्क्रैप) में नहीं बेचना होगा।
नया नियम और शर्तें:
इस नई व्यवस्था के तहत, ऐसे पुराने वाहन अब पुनः पंजीकरण (Re-Registraion) करवा सकेंगे। हालांकि, इसके लिए वाहन मालिकों को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
- शुल्क वृद्धि: पुनः पंजीकरण के लिए दोगुना शुल्क देना होगा।
- अनिवार्य प्रमाणपत्र: फिटनेस जांच और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) कराना अनिवार्य होगा।
पंजीयन कराने के बाद वाहन मालिक अपने पुराने वाहन को अधिकृत रूप से सड़क पर चला सकेंगे। MoRTH ने इस संबंध में परिवहन विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं।
पुराने वाहनों की स्थिति:
एक आंकड़े के अनुसार, अकेले छत्तीसगढ़ प्रदेश में करीब 24 लाख से ज्यादा वाहन 15 साल से पुराने हैं। इनमें 10 लाख 26 हजार से अधिक दोपहिया, तीन पहिया, कार और छोटे वाहन शामिल हैं। हालांकि, लगभग 25 प्रतिशत वाहनों का पुनः पंजीकरण कराया गया है, जबकि अन्य वाहनों को चिन्हांकित कर राज्य पुलिस द्वारा चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। केंद्र के इस फैसले से लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है।