बरेली हिंसा, 3 दिन से इंटरनेट ठप, कारोबार में ‘सैकड़ों करोड़’ का नुकसान! बैंकिंग-अस्पताल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले तीन दिनों से इंटरनेट सेवाओं के बंद होने से व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के चलते शासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी। जुमे की नमाज के बाद अलग-अलग इलाकों में ‘I love Muhammad’ लिखे पोस्टर बैनर लेकर मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे थे, जिसके बाद उपद्रव भड़क उठा। इस घटना के लिए मौलाना तौकीर रजा समेत कई लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए गिरफ्तार किया गया है।

यूपी के गृह विभाग ने 27 सितंबर को आदेश जारी कर सभी मोबाइल सेवा कंपनियों के SMS मैसेज, मोबाइल इंटरनेट/डेटा सेवा और ब्रॉडबैंड सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया था।

ठप हुआ कारोबार, अरबों का नुकसान

स्थानीय व्यापारियों का अनुमान है कि इंटरनेट बंद होने से कई सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। खुदरा विक्रेताओं से लेकर थोक विक्रेताओं तक की गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं, और शॉपिंग मॉल में ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है।

एचडीएफसी (HDFC) क्लस्टर प्रमुख अरविंद शर्मा ने पीटीआई को बताया कि बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से बाधित होने और ATM बंद होने के कारण ग्राहक तत्काल लेन-देन नहीं कर पा रहे हैं। भारतीय उद्योग संघ (IIA) के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा, “बड़े व्यवसायी पड़ोसी जिलों के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं, लेकिन छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को इस व्यवधान का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।”

केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने कहा कि दवाओं का थोक व्यापार ठप हो गया है। कैलाश चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव पाण्डेय ने बताया कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों को इंटरनेट पर निर्भरता के कारण इलाज कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

तौकीर रजा के करीबी ‘नदीम’ की गिरफ्तारी, साजिश का खुलासा

बरेली पुलिस ने सोमवार को इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद (IMC) के अध्यक्ष तौकीर रजा के एक करीबी सहयोगी नदीम को हिरासत में लिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को भड़की हिंसा के सिलसिले में नदीम से पूछताछ की जा रही है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने पुष्टि की है कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित थी।

जांच में पता चला है कि नदीम ने कथित तौर पर इन घटनाओं की योजना बनाई। उसने व्हाट्सएप के ज़रिए 55 चुनिंदा लोगों को कॉल किया, जिन्होंने फिर लगभग 1,600 लोगों की भीड़ जुटाई। अधिकारी ने आगे कहा कि “हिंसा के पीछे की साजिश कथित तौर पर CAA और NRC विरोधी प्रदर्शनों की तर्ज पर रची गई थी, जिसमें नाबालिगों को भीड़ में सबसे आगे रखने की योजना थी।”

पुलिस का दावा है कि नदीम ने शुरू में अधिकारियों को गुमराह किया था, गुरुवार रात उसने अपने साथियों नफीस और लियाकत के साथ पुलिस से मिलकर झूठा आश्वासन दिया था कि शुक्रवार को कोई प्रदर्शन नहीं होगा।

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