शोध को मिलेगी रफ्तार! DU और IIT कानपुर में ऐतिहासिक ‘हब एंड स्पोक’ समझौता, छात्रों और शिक्षकों को मिलेगा बड़ा फायदा

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध की स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और आईआईटी कानपुर के फाउंडेशन फॉर एडवांस्ड कंटीन्यूइंग एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (IFAcET) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईसीटी अकादमी (EICTA) कंसोर्टियम के साथ एक ‘हब एंड स्पोक’ समझौता किया है। इसका उद्देश्य कई शैक्षणिक और शोध पहलों को सुगम बनाना है।

विश्व बैंक के अनुसार, वैश्विक स्तर पर शोध पर भारत में जीडीपी का सिर्फ 0.68 प्रतिशत खर्च होता है, जबकि अमेरिका में 2.8 प्रतिशत और चीन में 2.1 प्रतिशत खर्च होता है। इसी खाई को पाटने के लिए सरकार कई स्तरों पर प्रयास कर रही है।

14 संस्थानों का कंसोर्टियम देगा सहयोग

इस समझौते के तहत, आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, सीडैक और एनआईईएलआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों में स्थापित 14 EICTA कंसोर्टियम संस्थान, DU से संबद्ध कॉलेजों के संकाय और छात्रों के कौशल विकास में सहयोग करेंगे।

समझौते पर DU रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता और EICTA, IIT कानपुर के मुख्य अन्वेषक प्रोफेसर बीवी फणी ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कहा कि इस साझेदारी का मकसद शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन को सुदृढ़ करना और DU तथा EICTA कंसोर्टियम दोनों के प्रयासों को पारस्परिक सहयोग प्रदान करना है।

शिक्षक और छात्रों को स्किल मुहैया कराना है मकसद

  • संकाय के लिए: DU संबद्ध कॉलेजों के संकाय सदस्यों की पहचान और नामांकन करेगा, और चयनित सदस्यों को EICTA कंसोर्टियम द्वारा प्रस्तावित प्रति वर्ष कम से कम दो ऑनलाइन पाठ्यक्रम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • छात्रों के लिए: विभागों और संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को भी EICTA कंसोर्टियम द्वारा प्रदान किए जाने वाले सालाना कम से कम दो ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस अवसर पर MeitY के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह, आईएफएसीईटी के सीईओ श्रीनिवास सहित डीयू के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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