‘भारी दिल से फैसला, लेकिन भविष्य के लिए जरूरी’ AI की बढ़ती मांग के बीच एक्सेंचर ने कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता
ग्लोबल कंसल्टिंग दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) ने पिछले तीन महीनों में दुनिया भर में 11,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी की है। कई प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह ले-ऑफ किया गया है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम तेजी से बढ़ रही एआई तकनीक की मांग का सीधा परिणाम है, क्योंकि कॉर्पोरेट सेक्टर अब एआई को अपनी प्राथमिकता बना रहा है।
कंपनी की सीईओ जूली स्वीट ने इस फैसले पर कहा, “मौजूदा माहौल में हमारे लिए यह जरूरी हो गया है कि हम रिस्किलिंग की बजाय कर्मचारियों को बाहर करें। हमने यह फैसला भारी दिल के साथ किया है, लेकिन यह कंपनी के भविष्य से जुड़ा है। हमें अपने लाखों कर्मचारियों और हितधारकों का ध्यान रखना है।”
कंपनी अपने वर्कफोर्स को एआई-संचालित समाधानों की बढ़ती जरूरत के अनुरूप ढाल रही है।
टेक सेक्टर में हलचल
इस बड़े ले-ऑफ ने टेक सेक्टर में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह साफ संकेत देता है कि एआई और ऑटोमेशन कई पारंपरिक कार्य करने में सक्षम हैं, और ये तेजी से पारंपरिक भूमिकाओं को खत्म कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में कंपनियों के लिए रिस्किलिंग और अपस्किलिंग रणनीतियाँ और भी महत्वपूर्ण हो जाएँगी, ताकि कर्मचारियों को बदलते डिजिटल माहौल के अनुरूप तैयार किया जा सके।
AI टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर अपनाने की तैयारी
जूली स्वीट ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी नई टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए बड़े पैमाने पर अपस्किलिंग और रीट्रेनिंग में निवेश कर रही है। हाल ही में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि एक्सेंचर अपने 7 लाख से अधिक कर्मचारियों को ‘एजेंटिंग एआई’ (Agenting AI) में ट्रेनिंग दे रही है। स्वीट का कहना है कि हर टेक्नोलॉजी शिफ्ट के दौरान कर्मचारियों को फिर से प्रशिक्षित करना जरूरी होता है, और एक्सेंचर इस बदलाव को बड़े स्तर पर लागू करने में सक्षम है।