ब्रेकिंग: ‘भारत का WhatsApp’ Araattai ऐप ने मचाया तहलका! सिर्फ ३ दिन में ३.५ लाख डाउनलोड, क्यों हो रहा यह रिकॉर्ड ब्रेक?
सिर्फ तीन दिनों के भीतर, ‘अरट्टई’ (Arattai) नामक एक नए स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ने सोशल मीडिया की दुनिया में ज़बरदस्त तूफान ला दिया है। इस ऐप ने प्रतिदिन लगभग ३ लाख ५० हज़ार डाउनलोड का रिकॉर्ड बनाया है। भारत की सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho Corporation द्वारा विकसित इस ऐप को कई लोग पहले ही ‘भारत का WhatsApp’ कहने लगे हैं।
क्या है अरट्टई ऐप?
तमिल भाषा में ‘अरट्टई’ का अर्थ ‘गपशप’ या हल्की-फुल्की बातचीत होता है। Zoho ने इसे २०२१ में एक साइड प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया था। लेकिन हाल ही में, केंद्र सरकार की प्रशंसा और सोशल मीडिया प्रचार के कारण यह रातोंरात बेहद लोकप्रिय हो गया। इस ऐप में वन-टू-वन चैट से लेकर ग्रुप चैट, वॉयस नोट्स, फोटो-वीडियो शेयरिंग, स्टोरीज और ब्रॉडकास्ट जैसे सभी फीचर्स मौजूद हैं।
अरट्टई की खासियत
अन्य मैसेजिंग ऐप्स से इसके फीचर्स बहुत अलग नहीं हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात इसकी डेटा प्राइवेसी (गोपनीयता) है। Zoho का दावा है कि यूज़र्स का निजी डेटा कभी भी साझा नहीं किया जाएगा।
- टेक्स्ट, फ़ाइल और मीडिया शेयरिंग की सुविधा।
- ऑडियो-वीडियो कॉलिंग का समर्थन।
- मल्टी-डिवाइस सपोर्ट, यह डेस्कटॉप और एंड्रॉइड टीवी पर भी चलेगा।
- स्टोरीज और चैनल फीचर।
अचानक इतनी लोकप्रियता क्यों?
हाल ही में, केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत में बने विभिन्न डिजिटल ऐप्स का उपयोग करने का आह्वान किया, जिसमें अरट्टई ऐप सबसे आगे था। इसके बाद ही डाउनलोड्स की बाढ़ आ गई। यह ऐप तुरंत iOS और एंड्रॉइड दोनों प्लेटफॉर्म पर नंबर वन ऐप बन गया। Zoho के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ‘३ दिनों में ३ हज़ार से ३.५ लाख साइन-अप, यह १०० गुना वृद्धि है।’
कंपनी पर दबाव और चुनौतियां
अचानक यूज़र्स की संख्या बढ़ने से ऐप डेवलपर्स को अस्थायी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई यूज़र्स ओटीपी देर से आने, कॉन्टैक्ट सिंक न होने या कॉल फेल होने की शिकायत कर रहे हैं। Zoho ने बताया है कि सर्वर को स्थिर होने में कुछ और दिन लगेंगे।
हालांकि, भारत में जहां WhatsApp के ५० करोड़ से अधिक यूज़र्स हैं, वहां यह बाज़ार हासिल करना अरट्टई के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, जहां WhatsApp में चैट लंबे समय से पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड है, वहीं अरट्टई में अभी तक यह सुविधा पूरी तरह लागू नहीं हुई है। यह देखना बाकी है कि अरट्टई की यह लोकप्रियता लंबे समय तक टिकी रहती है या नहीं।