रिटायर्ड जज की SIT जांच के लिए टिहरी पहुंची! दो अभ्यर्थियों ने दर्ज कराए बयान, आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
उत्तराखंड में हुए पेपर लीक मामले की जांच रिटायर्ड जज यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी (SIT) कर रही है। इसी कड़ी में देहरादून एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी सोमवार को टिहरी पहुंची, जहाँ टीम ने अभ्यर्थियों, छात्रों और अभिभावकों से संवाद किया। हालाँकि, संवाद में केवल दो ही लोग शामिल हुए, लेकिन दोनों अभ्यर्थियों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक की जांच कर रही एसआईटी ने २९ सितंबर को जिला सभागार में संवाद किया। इस दौरान डीएम नितिका खंडेलवाल भी मौजूद रहीं।
दो अभ्यर्थियों के महत्वपूर्ण बयान
एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराने वाले दो अभ्यर्थियों ने परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की।
- अभ्यर्थी विकास बिजल्वाण ने लिखित सुझाव देते हुए कहा कि सोशल मीडिया से पेपर लीक की जानकारी मिलने पर वे आहत हुए हैं। उन्होंने आयोग से परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने, लोक सेवा आयोग की तर्ज पर परीक्षार्थियों को अंक दिखाने और तय शेड्यूल के अनुसार परीक्षा आयोजित करने की मांग की। उन्होंने कहा, “परीक्षा से एक दिन पहले सोशल मीडिया के जरिए ऑडियो और वीडियो सामने आ गए, जिसमें कहा जा रहा था कि पेपर को हम अंदर सब ‘ठीक कर देंगे’ (manage कर देंगे), उसे सुनकर काफी दुख हुआ। अगले दिन परीक्षा हुई, वो भी लीक हो गई।”
- दूसरे अभ्यर्थी दीपक नेगी ने परीक्षा केंद्रों की तकनीकी खामियों को पेपर लीक की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए जाएं, ताकि परीक्षाएं फुलप्रूफ हों।
एसआईटी इंचार्ज और एसपी देहात जया बलूनी ने भरोसा दिलाया कि अभ्यर्थियों के सभी सुझावों को जांच रिपोर्ट में शामिल कर शासन को भेजा जाएगा।
क्या था पूरा मामला?
२१ सितंबर २०२५ को UKSSSC की ओर से स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन एग्जाम शुरू होने के महज ३५ मिनट के भीतर ही प्रश्न पत्र के फोटो और स्क्रीन शॉट्स सामने आ गए थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह प्रश्न पत्र हरिद्वार के लक्सर स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादुरपुर जट सेंटर से आउट हुआ था। इस मामले में सेंटर में परीक्षा दे रहे खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार किया गया। प्रश्न पत्र को सॉल्व कर भेजने वाली राजकीय महाविद्यालय अगरौड़ा (टिहरी) की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को सस्पेंड कर दिया गया।
इसके अलावा, बहादुरपुर जट परीक्षा सेंटर में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी, सब इंस्पेक्टर रोहित कुमार और कांस्टेबल ब्रह्मदत्त जोशी को भी लापरवाही के मामले में निलंबित किया गया है। वहीं, २९ सितंबर को सीएम धामी ने धरनारत युवाओं से संवाद कर सीबीआई जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा की, जिसके बाद युवाओं ने अपना धरना स्थगित कर दिया।