मानसून की विदाई के बाद भी मौसम बेहाल! अचानक बदला मिजाज, प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित रहने की दी सलाह
राजस्थान में मानसून का मौसम लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के प्रभाव और अब अरब सागर में विकसित हुए लो प्रेशर सिस्टम के कारण राज्य में बारिश का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने आज मंगलवार को जयपुर, अलवर सहित राज्य के 23 जिलों में बारिश और गरज-चमक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर में बने इस लो प्रेशर सिस्टम से राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बौछारें पड़ने की संभावना है। जयपुर, अलवर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और आस-पास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, दक्षिणी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में भी हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं।
सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान मौसम अचानक बदल सकता है, जिसके चलते लोगों को सुरक्षित रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। विशेषकर जयपुर और अलवर जैसे बड़े शहरों में पानी भरने (जलभराव) की स्थिति बन सकती है, इसलिए वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और ओलों (Hailstorm) की भी संभावना है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने बताया कि मानसून की सक्रियता समाप्त हो गई है, लेकिन इन लो प्रेशर सिस्टम्स के कारण राज्य में असामान्य रूप से बरसात का अनुभव हो रहा है। उन्होंने लोगों से येलो अलर्ट को गंभीरता से लेने और बारिश के दौरान बिजली गिरने या सड़कों पर जलभराव जैसी समस्याओं से सतर्क रहने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही, जलभराव से मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।