बरेली हिंसा, मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, व्हाट्सएप ग्रुप में 55 लोगों को बुलाया, साजिश में CAA-NRC प्रदर्शन जैसा ‘खतरनाक प्लान’
उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ कैंपेन को लेकर भड़की हिंसा के बाद अब शहर के हालात सामान्य हो रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा और उसके सहयोगी नदीम समेत 55 और आरोपियों को अब तक गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जैसे-जैसे हिंसा के तार जोड़ रही है, साजिश की परतें एक-एक कर सामने आने लगी हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी ने हिंसा फैलाने के लिए पूरी तैयारी की थी। उपद्रव फैलाने के लिए बिहार और बंगाल से लोगों को बुलाया गया था। मौलाना तौकीर रजा के करीबी नदीम ने आईएमसी (IMC) के ग्रुप में मैसेज भेजकर लोगों से जुम्मे वाले दिन बरेली के इस्लामिया ग्राउंड पहुंचने की अपील की थी।
पुलिस को मौलाना के घर से भारी मात्रा में अवैध हथियार और पेट्रोल बम भी मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि नदीम ने कथित तौर पर इन घटनाओं की योजना बनाई थी और इसके लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया गया था।
खतरनाक साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि मौलाना तौकीर रजा के दाहिने हाथ कहे जाने वाले नदीम ने 55 लोगों का एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था। इसमें बिहार और बंगाल के कुछ लोग भी शामिल थे। इन सबसे बरेली में जमा होने और उपद्रव करने के लिए कहा गया था।
- वॉट्सऐप के जरिए इन 55 चुनिंदा लोगों को कॉल किया गया और इन लोगों ने फिर लगभग 1,600 लोगों की भीड़ जुटाई थी। इस भीड़ में स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के जिलों और बिहार-बंगाल से बड़ी संख्या में लोगों को लाया गया था।
- पुलिस जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा के पीछे की साजिश सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) विरोधी प्रदर्शनों की तर्ज पर रची गई थी। साजिशकर्ताओं ने पुलिस को गुमराह करने के लिए योजना बनाई थी कि भीड़ में नाबालिग और कम उम्र के लड़कों को आगे रखा जाएगा।
पुलिस आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की डिटेल्स खंगाल रही है। जांच टीम को शक है कि इस भीड़ को जमा करने और उन्हें लाने-ले जाने समेत अन्य खर्चों के लिए प्रतिबंधित संगठनों और विदेशों से फंडिंग का इंतजाम किया गया था।