‘ज्ञान के मंदिरों को नफरत का अखाड़ा बना रहे RSS-BJP’! डोटासरा का बड़ा हमला, विश्वविद्यालय में ‘शस्त्र पूजन’ पर खड़ा किया सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा निशाना साधा है। अब उन्होंने आरएसएस के पथसंचलन और शस्त्र पूजन को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है।
पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि बीजेपी-आरएसएस के लोग विश्वविद्यालयों जैसे ज्ञान और शिक्षा के मंदिरों को नफरत एवं राजनीति का अखाड़ा बनाने पर तुले हुए हैं। “जिन स्थानों से विद्या और प्रगति की रोशनी फैलनी चाहिए, वहां आरएसएस के लोग पथसंचलन और शस्त्र पूजन करने चले हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।
डोटासरा ने राजस्थान विश्वविद्यालय के संदर्भ में तीखे सवाल पूछे हैं: “जब राजस्थान विश्वविद्यालय में अन्य छात्र संगठनों और विचारधाराओं के कार्यक्रम पर बैन है, तो फिर आरएसएस के कार्यक्रम की अनुमति क्यों दी गई है? क्या यह शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण नहीं है?”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज एक संगठन को अनुमति मिलती है, तो कल दर्जनों संगठन अपनी विचारधारा थोपने के नाम पर विश्वविद्यालय को राजनीति का रणक्षेत्र बना देंगे, जिससे शिक्षा और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
आरएसएस को 1978 के एक ऐतिहासिक घटनाक्रम की याद दिलाते हुए डोटासरा ने कहा, “आरएसएस को ये भी याद होना चाहिए 1978 का साल, जब उनकी ऐसी ही हरकतों का छात्रों ने पुरज़ोर विरोध किया था और उन्हें परिसर छोड़कर भागना पड़ा था।” डोटासरा के इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।