परीक्षा धांधली पर धामी का ‘मास्टरस्ट्रोक’, धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों से मिलकर दी कौन-सी गारंटी?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रदर्शनकारी युवाओं से मुलाकात की और 21 सितंबर को हुई यूकेएसएसएससी (UKSSSC) परीक्षा के दौरान कथित पेपर लीक मामले की सीबीआई (CBI) जांच का आश्वासन दिया। पिछले आठ दिनों से युवा इस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
युवाओं के बीच सीधे धरना स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने त्योहारों के मौसम में विरोध प्रदर्शन के दौरान युवाओं को हो रही असुविधा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इतनी गर्मी में युवाओं को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते देखना अच्छा नहीं लगता। मुझे हमेशा आपकी चिंता रहती है।“
अपने कार्यालय के बजाय धरना स्थल पर मिलने के फैसले पर धामी ने कहा कि बातचीत वहीं होनी चाहिए जहां मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं सीधे आपके पास आकर आपको आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मैं इस प्रक्रिया को पारदर्शी और किसी भी संदेह से मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूँ।” मुख्यमंत्री ने युवाओं के सपनों को न टूटने देने की गारंटी देते हुए कहा, “हम उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के महत्व को समझते हैं… सरकार आपके सपनों को कभी टूटने नहीं देगी।”
विवाद तब शुरू हुआ जब आरोप लगे कि परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद ही यूकेएसएसएससी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार के दावों के अनुसार, प्रश्नपत्र कथित तौर पर अभ्यर्थी खालिद मलिक द्वारा लीक किया गया था, जिसने इसे अपनी बहन सबिया को भेजा था। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और वह व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित करेंगे कि इस मामले की गहन जांच के लिए सीबीआई जांच हो।