डोंबिवली में दिल दहला देने वाला हादसा, खुले और उफनते नाले में गिरा 13 वर्षीय छात्र, KDMC की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
मुंबई से सटे डोंबिवली में एक दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नगर निगम की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। डोंबिवली पश्चिम के देवीचापाड़ा इलाके में रविवार रात 13 वर्षीय आयुष कदम की एक खुले और उफनते नाले में गिरने से मौत हो गई। आयुष स्वामी विवेकानंद स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था।
यह हादसा रविवार रात करीब 10:30 बजे हुआ। आयुष अपने दोस्तों के साथ घर के पास बह रहे भारत भोईर नाले के पास खेल रहा था। लगातार बारिश के कारण नाला उफान पर था और सुरक्षा इंतज़ाम न होने के कारण यह भीषण दुर्घटना हो गई।
बहाव में बह गया मासूम:
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आयुष गलती से नाले के एक खुले चैंबर पर पैर रख बैठा और तेज बहाव के कारण बह गया। उसके दोस्त वेदांत जाधव ने उसे बचाने की कोशिश में पानी में छलांग भी लगाई, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वह आयुष को नहीं बचा सका।
घटना की सूचना मिलते ही कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची। अग्निशमन कर्मियों ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद सर्चलाइट की मदद से नाले के मुहाने पर जाल लगाकर आयुष का शव बरामद किया। उसे तुरंत शास्त्रीनगर नगरपालिका अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश:
इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद नाले के चैंबर को जानबूझकर खुला छोड़ दिया गया था। लोगों ने इस लापरवाही के लिए केडीएमसी (KDMC) अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304A (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) के तहत आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले पर एच वार्ड के सहायक आयुक्त राजेश सावंत ने कहा कि इस क्षेत्र में रिंग रूट का काम एमएमआरडीए (MMRDA) द्वारा किया जा रहा है और वह इस संबंध में उनसे जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जाँच चल रही है।