कोटा गोलीकांड में बड़ा मोड़, पहले रंजिश का आरोप, प्रारंभिक जांच में सामने आया ‘गलती से चली गोली’ का सच!
जिले के मंडाना थाना इलाके में मंगलवार रात लगभग 9 बजे माता जी के मंदिर में गोली लगने से 25 वर्षीय शंकर लाल चारण (पुत्र आयदान चारण) की मौत हो गई। यह घटना मांदलिया पंचायत के रामगढ़ गांव स्थित मंदिर में हुई, जहां शारदीय नवरात्रि की अष्टमी की पूजा चल रही थी।
गोली लगते ही परिजन युवक को लेकर कोटा के निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया। इस घटना से गांव और मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही मंडाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि एफएसएल टीम, एमओबी (मोबाइल फोरेंसिक टीम) और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने मंदिर और आसपास से साक्ष्य एकत्रित किए हैं और कुछ लोगों को डिटेन कर पूछताछ कर रही है।
एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि शुरुआत में परिजनों ने पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए बालाराम पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। हालांकि, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोली गलती से श्यामलाल नामक युवक की पिस्तौल से चली और सीधे शंकर लाल के सिर में लगी।
एसपी ने यह भी बताया कि मंदिर में पहले से ही दो पक्षों के बीच झगड़ा चल रहा था, और शंकर लाल चारण व अन्य लोग वहां उपस्थित थे। पुलिस परिजन की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा कि गोली किसने चलाई थी।