ट्रंप को खुश करने के लिए PM मोदी ने किया गाजा शांति प्रस्ताव का समर्थन? कांग्रेस ने लगाया ‘नैतिक कायरता’ का आरोप

कांग्रेस ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित गाजा शांति प्रस्ताव पर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ ट्रंप को खुश करने के लिए इसका समर्थन किया है। पार्टी ने यह भी कहा कि गाजा में नरसंहार पर प्रधानमंत्री की चुप्पी ‘घोर नैतिक कायरता’ है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘अपने अच्छे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने और अपने दूसरे अच्छे दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एकजुटता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा के लिए घोषित नई 20 सूत्री योजना का स्वागत किया है। लेकिन इस योजना पर बुनियादी और चिंताजनक सवाल अब भी बने हुए हैं।’

उन्होंने सवाल किया, ‘प्रस्तावित प्रशासनिक ढांचे में गाजा के लोग स्वयं कहाँ हैं? एक पूर्ण रूप से मान्यता प्राप्त फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के लिए रोडमैप (रूपरेखा) कहाँ है?’

रमेश ने पूछा कि अमेरिका और इजराइल कब तक फलस्तीनी राष्ट्र के दर्जे की अनदेखी करते रहेंगे, जिसे संयुक्त राष्ट्र के 157 सदस्य देशों ने पहले ही मान्यता दे दी है—और जिसकी पहल भारत ने नवंबर 1988 में की थी? उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले बीस महीनों में गाजा में हुए नरसंहार के लिए जवाबदेही कहाँ है?

कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘प्रधानमंत्री ने उन भयावह अत्याचारों पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, जिनमें गाजा के हजारों निर्दोष नागरिकों की जान गई है। यह अत्यंत घोर नैतिक कायरता है और उस हर मूल्य और आदर्श के साथ विश्वासघात है, जिसके लिए भारत खड़ा रहा है।’

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