गांधी जयंती: आजादी के बाद भी भारतीय नोट पर क्यों नहीं थी गांधीजी की तस्वीर? जानिए इतिहास

आज गांधी जयंती है। महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर जब पूरा देश राष्ट्रपिता को याद कर रहा है, तो आइए जानते हैं कि भारतीय मुद्रा पर उनकी तस्वीर किस तरह और कब स्थापित हुई। किसी भी देश की मुद्रा उसके इतिहास, संस्कृति और वैश्विक संदेश को दर्शाती है, और भारतीय मुद्रा भी देश की लोकतांत्रिक भावना का प्रतीक है।

आजादी के बाद भी छपी रही ब्रिटिश राजा की तस्वीर:

दरअसल, देश आजाद होने के बाद भारतीय मुद्रा पर किसकी तस्वीर होगी, इस पर काफी विवाद हुआ था। शुरुआत में, महात्मा गांधी की तस्वीर का इस्तेमाल करने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया था। इसलिए, 14 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिलने के बावजूद, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) तब तक ब्रिटिश राजा जॉर्ज VI की तस्वीर वाले नोट ही छापता रहा।

पहली पसंद थे विरासत और वन्यजीव, कोई व्यक्ति नहीं:

1950 में लोकतंत्र की स्थापना के बाद, भारतीय मुद्रा को औपनिवेशिक विरासत से मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई। RBI ने फैसला किया कि भारतीय नोट पर किसी व्यक्ति विशेष की तस्वीर नहीं होगी, बल्कि देश की विरासत और संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा। इसी कारण, अगले कुछ दशकों तक भारतीय नोटों पर बाघ, हिरण, मोर, कोणार्क चक्र और हीराकुंड बांध जैसी तस्वीरें छपती रहीं। 1949 में जारी किए गए पहले 1 रुपये के नोट पर भी शेर का चित्र था।

पहला बदलाव और 500 रुपये का नोट:

भारतीय मुद्रा पर पहली बार महात्मा गांधी की तस्वीर 1969 में उनकी जन्म शताब्दी के अवसर पर छपी थी। इस तस्वीर में गांधीजी सेवाग्राम आश्रम में बैठे हुए दिखाई दिए थे। हालांकि, यह एक विशेष संस्करण था।

पहला बड़ा बदलाव 1987 में आया, जब राजीव गांधी सरकार ने 500 रुपये का नोट जारी किया और उस पर महात्मा गांधी की तस्वीर छापी गई।

गांधी श्रृंखला की शुरुआत:

महात्मा गांधी को भारतीय मुद्रा का स्थायी चेहरा बनाने की प्रक्रिया 1996 में शुरू हुई, जब RBI ने प्रसिद्ध ‘गांधी श्रृंखला’ के नोट जारी किए। इन नोटों में वाटरमार्क और उन्नत सुरक्षा सुविधाएँ भी जोड़ी गईं। इसके बाद से ही महात्मा गांधी की तस्वीर भारत के सभी करेंसी नोटों का स्थायी हिस्सा बन गई।

हालांकि हाल के दिनों में नोटों पर लक्ष्मी और गणेश की तस्वीर लगाने जैसे सुझाव आए हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रपिता को नोटों से हटाने की कोई योजना या मंशा अभी तक सामने नहीं आई है। महात्मा गांधी आज भी भारतीय मुद्रा पर देश की स्वतंत्रता, लोकतंत्र और मूल्यों के प्रतीक हैं।

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