तेजस्वी का कड़ा फैसला, ‘खराब परफॉर्मेंस वाले विधायकों को टिकट नहीं! किन जिलों पर सबसे ज्यादा असर?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन के पक्ष में सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इस बार अपने कई सीनियर विधायकों के टिकट काटने की बड़ी योजना बना रही है। पोलो रोड स्थित तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई एक अहम बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह फैसला लिया। पिछले दो दिनों से विधायकों के प्रदर्शन और क्षेत्रीय स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद इस बड़े कदम पर अंतिम मुहर लगी है।
RJD सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने चुनाव से पहले एक विस्तृत आंतरिक सर्वे कराया था। जिन विधायकों को लेकर जनता और स्थानीय स्तर पर संतोषजनक फीडबैक नहीं मिला है, जिनके खिलाफ क्षेत्र में अधिक विरोध है या जो जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे, उन्हें इस बार दोबारा टिकट नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, उम्रदराज और लंबे समय से सीट पर काबिज नेताओं के टिकट पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि चुनाव में युवा और मजबूत प्रत्याशी उतारकर जीत की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके।
सूत्रों का कहना है कि RJD अपने गढ़ मगध क्षेत्र में सबसे कम बदलाव करेगी, लेकिन कैमूर और भोजपुर में टिकटों में बड़ी कटौती करने का मन बना चुकी है। विशेष रूप से कैमूर में सबसे अधिक विधायकों के टिकट काटे जाने की संभावना है। पार्टी संभावित प्रत्याशियों को शुक्रवार तक तैयारी शुरू करने का संकेत दे देगी। हालांकि, टिकट धारकों के नाम की अंतिम घोषणा महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर मुहर लगने के बाद ही की जाएगी। RJD की इस रणनीति ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।