कोटा में फिर आत्महत्या, ’20 वर्षीय दिल्ली के छात्र का शव पीजी रूम से बरामद; पिता ने लगाया पैसे के लेन-देन में उत्पीड़न का आरोप

राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है। दिल्ली के रहने वाले लकी चौधरी (20) का शव बुधवार शाम सेक्टर 2 स्थित उनके पीजी रूम से बरामद हुआ। यह इस साल छात्र आत्महत्या का 19वां मामला है, जिसमें से 17 मामले अकेले कोटा से सामने आए हैं।

पुलिस के अनुसार, लकी ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया था। जब कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसी ने खिड़की से झांककर देखा और उन्हें पंखे से लटका पाया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर लकी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पैसे के लेन-देन से जुड़ा विवाद:

लकी के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने किसी युवक से 40,000 रुपये उधार लिए थे, जिसमें से 10,000 रुपये उसने लौटा भी दिए थे। पिता का कहना है कि जिस लड़के से उसने पैसे लिए थे, वह अक्सर उसे परेशान करता था और उस पर दबाव बनाता था। पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि लकी का मोबाइल और पर्स कमरे से गायब है।

डीएसपी लोकेंद्र पालीवाल ने पुष्टि की है कि पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आत्महत्या के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।

मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता:

कोटा में लगातार बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों ने एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अत्यधिक पढ़ाई का दबाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा छात्रों को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर रही है। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना चाहिए और उन्हें भावनात्मक समर्थन देना चाहिए ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

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