नौकरी बचाने के लिए नवजात को जिंदा दफनाया! MP में सरकारी शिक्षक और उसकी पत्नी की ‘कलयुगी’ करतूत, बच्चा चमत्कारिक ढंग से बचा
अपनी सरकारी नौकरी बचाने के लिए एक बेरहम माता-पिता ने अपने ही नवजात बेटे को जिंदा दफना दिया। अपनी नौकरी बचाने की चाहत में माता-पिता इस हद तक गिर गए कि उन्होंने अपने ही मासूम बच्चे को मौत के मुंह में धकेल दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना कोई कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है।
मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के नंदनवाड़ी गांव का है। यहां एक सरकारी स्कूल शिक्षक बबलू डंडोलिया और उसकी पत्नी राजकुमारी ने अपनी नौकरी बचाने के लिए एक ऐसा काम किया जिसकी कल्पना भी दिल दहला देती है।
घटना का विवरण
23 सितंबर को सरकारी स्कूल शिक्षक बबलू डंडोलिया की पत्नी राजकुमारी ने अपने चौथे बच्चे को जन्म दिया। बच्चा होने के तीन दिन बाद, दंपति ने बच्चे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर जंगल ले गए और वहां पत्थरों के नीचे जिंदा दफना दिया।
हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। तमाम हैवानियत के बावजूद वह नवजात चमत्कारिक ढंग से बच गया। सरकारी नौकरी बचाने के लिए मां-बाप की यह अमानवीय करतूत सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।