“टूटकर गए वो पीतल, सोना हमारे पास, ‘उद्धव ठाकरे ने दशहरे पर BJP को बताया ‘कमलाबाई’, किसानों को ₹50 हजार मदद देने की मांग
शिवसेना (UBT) सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने दशहरा रैली की शुरुआत में सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि “हमारी पार्टी को तोड़ने पर कई लोगों का ध्यान है। जो टूटकर गए वो पीतल थे, सोना हमारे पास है।” उन्होंने भाजपा को ‘कमलाबाई’ कहते हुए तंज कसा और कहा, “कमलाबाई ने जनता के जीवन को कीचड़ बना दिया है। भाजपा ने सभी जगह कीचड़ फैलाया है। मराठवाड़ा में आया हुआ संकट काफी बड़ा है।”
उन्होंने किसानों के लिए सहायता की मांग करते हुए कहा, “शर्तें बगल में कीजिए, किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपए की मदद कीजिए। किसानों की मदद जितनी हो सकती है उतनी कीजिए।”
संघ, वांगचुक और मणिपुर पर निशाना
उद्धव ठाकरे ने संघ की दशहरा रैली पर भी बात करते हुए सवाल उठाया कि गांधी जयंती के दिन संघ के 100 साल पूरे होना क्या कोई संयोग है?
उन्होंने जनसुरक्षा कानून का विरोध करने वाले सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “वांगचुक देशभक्त हैं, इनके खिलाफ कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है। वांगचुक जब तक मोदी की तारीफ कर रहे थे तब तक ठीक था, न्याय हक के लिए आवाज उठाई तो जेल में डाल दिया।” उन्होंने मणिपुर के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि मणिपुर कितने सालों से जल रहा था, मोदी अब मणिपुर जा रहे हैं।
‘मुंबई आपके लिए व्यापार, हमारे लिए जान’
लोकप्रिय मुख्यमंत्री की सूची में देवेंद्र फडणवीस को दसवें नंबर पर बताते हुए उद्धव ने कहा, “हमारी सरकार के समय महाराष्ट्र पहले पांच में रहता था। भाजपा पर तंज कसते हुए कहते हैं कि तुम मुंबई जीत ही नहीं सकते हो। चुनाव करवा लीजिए, जनता इंतजार कर रही है, कब आपको अपने वोटों से इसका जवाब दे। आप मुंबई को व्यापार के नजरिए से देखते हैं, हमारे लिए मुंबई जान है।“
जीएसटी और हिंदुत्व पर सवाल
उद्धव ठाकरे ने बिना नाम लिए कहा कि “मैच जीतने के बाद जो व्यक्ति मैच की तुलना युद्ध से करता है वो बेशर्म इंसान है।” उन्होंने जीएसटी लागू करने और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा को घेरा। उन्होंने पूछा, “जीएसटी लागू किया किसने? इसे लागू करने के लिए नेहरू आए थे क्या? 8 साल तक देश को लूटा और अब बचत उत्सव मना रहे हैं।”
उन्होंने भाजपा पर ‘पगार पर वोटर तैयार करने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के पास वोट खरीदने के लिए पैसे हैं, लेकिन किसानों को देने के लिए नहीं।
राज ठाकरे से गठबंधन का संकेत
उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे से गठबंधन की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, “मैंने 5 जुलाई को ही कहा था हम साथ आए हैं, साथ रहेंगे। मराठी के लिए हम एक आयेंगे।” उन्होंने भाजपा को हिंदुत्व के मुद्दे पर चेतावनी देते हुए कहा, “हिंदुत्व के मुद्दे हमारे आंग पर ना आएं, नहीं तो तुम्हारे द्वारा लगाए गए टोपी का प्रदर्शनी लगाए बिना नहीं रहूंगा।”