आयुष कोमकर हत्याकांड के बाद जागे लोग, ‘पुलिस की अपील पर कारोबारी ने दर्ज कराई FIR, बंडू आंद्रेकर के अवैध निर्माण तोड़े गए!
पुणे शहर पुलिस ने कुख्यात आंद्रेकर गिरोह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, अब गिरोह के सरगना सूर्यकांत उर्फ बंडू आंद्रेकर और उसके साथियों के खिलाफ जमीन हड़पने और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है।
इस संबंध में ३० सितंबर को समर्थ पुलिस स्टेशन में ५१ वर्षीय एक कारोबारी ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई थी। FIR के अनुसार, भवानी पेठ निवासी यह कारोबारी और उसके परिवार की नाना पेठ में १२,५०० वर्ग फुट की पैतृक संपत्ति है। आरोप है कि २०१७ में, आंद्रेकर ने इस संपत्ति के लगभग ३,५०० वर्ग फुट हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया और वहाँ १२ कमरे और दो हॉल वाली एक तीन मंजिला इमारत खड़ी कर दी, जिसमें पानी और बिजली के कनेक्शन भी थे।
FIR के मुताबिक, आंद्रेकर इन कमरों और हॉल को विभिन्न कार्यों के लिए किराए पर देकर अवैध रूप से लगभग ₹५.४ करोड़ कमाए।
कारोबारी ने FIR में बताया कि जब उसने आंद्रेकर से संपत्ति खाली करने और उसे विकसित करने देने का अनुरोध किया, तो आंद्रेकर और उसके सहयोगी मनीष उर्फ मनोज चंद्रकांत वार्डेकर ने उससे ₹१.८ करोड़ की मांग की। साथ ही, मांग पूरी न होने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। डर के मारे उसने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
युवक की हत्या के बाद मिली हिम्मत: पिछले महीने १८ वर्षीय आयुष कोमकर की हत्या के बाद पुलिस ने आंद्रेकर गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी और लोगों से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। इसी अपील से प्रेरित होकर कारोबारी ने FIR दर्ज कराई।
आयुष की हत्या ५ सितंबर को भवानी पेठ में उसके आवासीय भवन की पार्किंग में गोली मारकर की गई थी। यह हत्या पिछले साल सितंबर में बंडू आंद्रेकर के बेटे और पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) कॉर्पोरेटर वनराज आंद्रेकर की हत्या का बदला होने का संदेह है। आयुष, बंडू की बेटी कल्याणी कोमकर का बेटा था, जिसके पति गणेश कोमकर वनराज की हत्या के मुख्य आरोपी हैं। पुलिस अब तक आयुष कोमकर हत्या मामले में बंडू, उसके परिवार के नौ सदस्यों और अन्य गिरोह के सदस्यों सहित कुल १६ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुणे में आंद्रेकर गिरोह के कई अवैध निर्माण भी ध्वस्त किए गए हैं।