अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने का असर! 7वें सप्ताह भी सोना हुआ मजबूत, क्या अब टूटेगा रिकॉर्ड?

वैश्विक स्तर पर बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और वित्तीय अनिश्चितताओं के कारण सोना निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय और सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। पारंपरिक रूप से यह धातु मंदी और कम ब्याज दरों वाले दौर में बेहतर प्रदर्शन करती है। वर्ष 2025 में अब तक सोने की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

अमेरिकी संकट का प्रभाव: अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने की स्थिति लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कारण गैर-कृषि पेरोल जैसे प्रमुख आर्थिक आँकड़ों के प्रकाशन में देरी हो सकती है। इस अनिश्चितता भरे माहौल का अप्रत्यक्ष प्रभाव सोने की माँग और मूल्य पर भी पड़ने की आशंका है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती और सरकारी संकट की आशंकाएँ निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर आकर्षित कर रही हैं।

बाजार में सोने का हाल: शुक्रवार को भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोने की कीमतों में 0.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान यह मूल्य घटकर लगभग ₹1,16,960 प्रति दस ग्राम पर आ गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना अपना स्थिर रुख बनाए हुए है और यह लगातार सातवें सप्ताह सकारात्मक बढ़त की ओर अग्रसर है। शुक्रवार सुबह 02:47 GMT तक हाजिर सोना (Spot Gold) लगभग 3,851 प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा था। बीते सप्ताह के दौरान इसमें लगभग 2.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो इसे वैश्विक निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बना रही है।

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