पंजाब में 80 दशकों का रिकॉर्ड टूटने की आशंका, IMD की चेतावनी के बाद रावी नदी में छोड़ा गया रंजीत सागर डैम का पानी
पंजाब में एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के बाद रंजीत सागर डैम से रावी नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाने लगा है। जल संसाधन विभाग के मुख्य इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने IMD अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है।
80 दशकों में सर्वाधिक बारिश की संभावना: विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर का पहला हफ्ता पंजाब के लिए मुश्किल भरा रह सकता है। इस दौरान इतनी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जितनी पिछले 80 दशकों में कभी दर्ज नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार:
- 4 अक्टूबर की रात से बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
- 5 अक्टूबर को ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है, जिसके चलते पंजाब के अधिकांश हिस्सों (पटियाला एरिया को छोड़कर) में बारिश होगी।
- 6 अक्टूबर को ‘ऑरेंज अलर्ट’ रहेगा, जो तेज बारिश की संभावना जता रहा है। महानगर जालंधर में येलो व ऑरेंज अलर्ट का प्रभाव रहेगा।
प्रशासन की अपील और तैयारी: ऐसे हालात में प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी इंतजामों की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। पानी छोड़ने के बाद बाढ़ जैसे हालात फिर से बन सकते हैं, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट पर है।
इन जिलों के लिए चेतावनी जारी: मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रोपड़, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोगा, मानसा, गुरदासपुर, बरनाला और बठिंडा में भारी बारिश की संभावना है।