मेले में गुम हुई ५ साल की बच्ची, दिल्ली पुलिस के ‘खोया पाया’ बूथ ने चंद घंटों में मिलाया परिवार से!
दिल्ली पुलिस ने एक पांच साल की बच्ची को ढूंढकर उसके परिवार से मिला दिया, जो द्वारका के रामलीला मेले में खेलते समय अपने माता-पिता से बिछड़ गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बच्ची मूल रूप से बिहार के बेगूसराय की रहने वाली है। द्वारका के डीसीपी अंकित सिंह के मार्गदर्शन में, पुलिस ने द्वारका जिले के रामलीला मेलों में विशेष ‘खोया पाया’ बूथ स्थापित किए थे, जिनके माध्यम से पुलिसकर्मी बिछड़े हुए बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में सहायता प्रदान कर रहे थे।
बच्ची के परिवार को ढूंढने के लिए द्वारका साउथ पुलिस स्टेशन के एसएचओ राजेश कुमार साह की देखरेख में टीमें बनाई गईं। चूंकि बच्ची केवल पांच साल की थी, इसलिए वह अपने परिवार के बारे में ठीक से जानकारी नहीं दे पा रही थी। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को गोद में लिया और उसे दिलासा दिया ताकि वह कुछ जानकारी दे सके।
इसके बाद, पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेले के डिजिटल प्लेटफॉर्म और डिस्प्ले स्क्रीन पर बच्ची की तस्वीरें और जानकारी प्रदर्शित की। साथ ही, मेले में बच्ची के बारे में घोषणाएं भी की गईं। यह घोषणा सुनकर, परेशान परिवार तुरंत बूथ पर पहुंचा। पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को उसकी माँ को सौंप दिया गया।
पुलिस ने एक बयान में कहा, “परिवार को एक साथ देखकर दिल खुश हो गया! बेटी को देखकर माँ की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।” बता दें कि दुर्गा पूजा और विजयादशमी के दौरान उमड़ी भीड़ के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के साथ-साथ ऐसे मानवीय पहल भी की थी।