‘इंदिरा ने लिया था बदला,’महारानी गायत्री देवी और उनके बेटे की गिरफ्तारी पर निशिकांत दुबे ने कांग्रेस को घेरा
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर जयपुर की पूर्व महारानी गायत्री देवी और उनके बेटे को ‘जेल में डालने’ का गंभीर आरोप लगाया है। दुबे ने कांग्रेस की पुरानी प्रतिशोध की राजनीति और आपातकाल के दौरान शाही परिवारों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाकर यह विस्फोटक बयान दिया है।
इतिहास का हवाला देते हुए निशिकांत दुबे ने दावा किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जयपुर की महारानी गायत्री देवी और उनके बेटे जगत सिंह को कैद किया था। गायत्री देवी एक लोकप्रिय सांसद थीं और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मुखर राजनीतिक विरोधी थीं। आपातकाल के दौरान, जुलाई १९७५ में, गायत्री देवी को विदेशी मुद्रा संरक्षण एवं तस्करी निवारण अधिनियम (COFEPOSA) के तहत गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा गया था, जहाँ उन्होंने लगभग पाँच महीने बिताए थे।
बीजेपी सांसद का यह आरोप आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार द्वारा राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों और राजशाही परिवारों के दमन के ऐतिहासिक विवाद को फिर से हवा देता है। बता दें कि जुलाई १९७५ में गायत्री देवी की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके सौतेले बेटे (दूसरे महाराजा सवाई मान सिंह के पहले बेटे) महाराजा भवानी सिंह (न कि जगत सिंह) को भी गिरफ्तार किया गया था। निशिकांत दुबे का यह बयान कांग्रेस के अतीत के शासनकाल को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।